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विभागाध्यक्ष के पत्र पहुंचने के बाद से हड़कंप मचा

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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग के पैकेज नंबर दो में धांधली की पुष्टि के बाद अब जल्द कार्यवाही होगी। शासन के सख्त रुख के बाद लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एचके उप्रेती द्वारा 13 मार्च को कार्यवाही के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के यहां पहुंचने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है ।

करीब 131 किमी लंबे टनकपुर- जौलजीबी मोटर मार्ग में पिछले साल से ठुलीगाड़ से रुपालीगाड़ तक के 55 किलोमीटर हिस्से में निर्माण का काम चल रहा है। जबकि रुपालीगाड़ से जौलजीबी तक का काम प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र की स्थिति साफ नहीं होने के चलते अटका हुआ है। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने आरोप लगाया था कि 123 करोड़ रुपये लागत वाले 24.40 किमी लंबे चूका-रुपालीगाड़ तक के हिस्से का ठेका पाने के लिए ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों का सहारा लिया।
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मुख्य अभियंता स्तर की जांच में गड़बड़ी की तस्दीक भी हुई थी। जिसके बाद शासन ने अगस्त 2017 में निविदा निरस्त करने के साथ ही काम रोकने के आदेश दिए थे। तबसे यह कार्य लटका हुआ है। लोनिवि चंपावत सर्किल के अधीक्षण अभियंता एचएस पांगती ने बताया कि विधिक कार्यवाही करने को लेकर विभागाध्यक्ष का पत्र पहुुंच चुका है। इसे जरूरी विधिक कार्रवाई के लिए टीजे रोड का काम देख रही परियोजना क्रियान्वयन इकाई के पास भेज दिया गया है।
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