चंपावत। जिला मुख्यालय में भी छोटे ठेकेदारों को केंद्रीय योजनाओं और पीएमजीएसवाई की निविदाओं से बाहर करने संबंधी शासनादेश का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को इस संबंध में चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में राजकीय ठेकेदार भी उतर आए हैं। उन्होंने बैठक कर राज्य सरकार की ओर से छोटे ठेकेदारों के शोषण संबंधी शासनादेश का विरोध किया है।
उन्होंने संबंधित शासनादेश को वापस लिए जाने और छोटे ठेकेदारों को प्रधानमंत्री सड़क योजना में भी काम दिए जाने की मांग उठाई है। बैठक में मोहन सिंह महर, योगेश सिंह रैंसवाल, आरएस धौनी, नारायण सिंह आदि थे।