सटनकपुर (चंपावत)। संयुक्त चिकित्सालय में सात माह के बच्चे की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को जांच अधिकारी एडीएम हेमंत वर्मा एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमएस बोहरा ने बच्चे के पिता और डॉक्टरों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। नगर के वार्ड संख्या सात लाल इमली पड़ाव निवासी इरशाद अहमद ने बताया कि उसके सात माह के बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर 22 सितंबर को उसने बच्चे को संयुक्त चिकित्सालय मेें भर्ती कराया गया था।
आरोप लगाया कि अस्पताल में तीन दिन इलाज के दौरान चिकित्साधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी और बाल रोग विशेषज्ञ डा. घनश्याम तिवारी ने उससे जनरेटर चलाने के लिए पैसे मांगे। उसका मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। आखिरकार डॉक्टर की लापरवाही से उसके बच्चे की रात में मौत हो गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डा. अहमद इकबाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए एडीएम हेमंत वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की। मंगलवार को एडीएम वर्मा एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बोहरा ने बच्चे के पिता इरशाद, चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी एवं बाल रोग विशेषज्ञ डा. घनश्याम तिवारी से पूछताछ की। एडीएम वर्मा ने बताया कि जल्द ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।