चंपावत। मल्लिकार्जुन स्कूल में कुछ छात्रों और प्रबंधन के बीच उपजे विवाद के शांत न होने पर शिक्षा विभाग सख्त कदम उठा सकता है। यह विवाद शनिवार को हुई वार्ता के बाद भी सुलझ नहीं पाया है।
अब मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने कहा कि स्कूल की पढ़ाई प्रभावित होने पर विभाग कठोरतम कार्यवाही की संस्तुति करेगा। स्कूल में किस शिक्षक की नियुक्ति की जाती है, यह विद्यालय प्रबंधन का अधिकार है। स्कूल प्रबंधन द्वारा विवाद सुलझाने के साथ सुचारू रूप से शिक्षण कार्य नहीं करा पाने पर वह सख्त कार्यवाही की सिफारिश करेंगे। जल्द ही जिलाधिकारी को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
मल्लिकार्जुन स्कूल की प्रधानाचार्या राजश्री पंत का कहना है कि स्कूल की पढ़ाई को सुचारु करने के लिर हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। प्रबंधन ने न कुछ गलत किया है और नहीं किसी का उत्पीड़न, मगर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 20 सितंबर को कुछ शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए छात्रों ने परीक्षा छोड़ कर प्रदर्शन किया था।
मान्यता को लेकर भी है संशय
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम को संचालित करने वाले मल्लिकार्जुन स्कूल की मान्यता को लेकर भी संशय है। खंड शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि शिक्षा विभाग से स्कूल को अभी आठवीं तक की ही मान्यता है। अलबत्ता स्कूल के उप प्रधानाचार्य संजय मुरारी का कहना है कि सीबीएसई की इंटर तक की मान्यता के लिए आवेदन किया गया है।