चंपावत। जिले की आपात चिकित्सा सेवा 108 खुद बीमार है। शुक्रवार को जिला अस्पताल से रेफर किए गए 9 माह के एक शिशु को आपात सेवा की खामियों के चलते दो घंटे देर से हल्द्वानी को ले जाया गया। 108 सेवा ने डीजल नहीं होने पर हल्द्वानी जाने से मना कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद खुशियों की सवारी हल्द्वानी जाने को तैयार हुई, लेकिन इसमें आक्सीजन सिलिंडर नहीं था। जिला अस्पताल द्वारा आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने के बाद खुशियों की सवारी शिशु को लेेकर हायर सेंटर रवाना हुई।
बाराकोट के बामेरा गांव के नितिन (9 माह) पुत्र दीपक को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। शुक्रवार को नितिन जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉ.उदय शंकर, डॉ.इंद्रजीत पांडेय और डॉ.रवि ने उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने 108 सेवा को कॉल किया, लेकिन पर्याप्त डीजल नहीं होने के चलते वाहन को लंबी दूरी में भेजने से इंकार कर दिया गया। काफी जद्दोजहद के बाद खुशियों की सवारी हल्द्वानी जाने को तैयार हुई, लेकिन इसमें आक्सीजन सिलेंडर नहीं था। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने अस्पताल से आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराया। तब जाकर खुशियों की सवारी नितिन को लेकर हल्द्वानी के लिए रवाना हुई।
एमएस डॉ.जोशी ने 108 आपात सेवा के बुरे हाल के मद्देनजर जिला समन्वयक रजत उनियाल को तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी। अलबत्ता इसके चलते बीमार शिशु को 1.55 बजे के बजाय 4 बजे बाद रेफर किया जा सका है।