टनकपुर (चंपावत)। बारहमासी सड़क निर्माण के लिए बस्तिया गांव में लगे मिक्सर प्लांट से फैल रहे प्रदूषण एवं सड़क किनारे कम ऊंचाई की सुरक्षा दीवार बनाने और निर्माणाधीन सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं करने से भड़के ग्रामीण मंगलवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने प्रदर्शन कर प्लांट एवं दीवार का निर्माण कार्य बंद करा दिया। आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में न सिर्फ मानकों को ताख पर रखा जा रहा है, बल्कि जन स्वास्थ्य की भी अनदेखी की जा रही है।
मंगलवार को समाजसेवी हरीश लापड़ के नेेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सुरक्षा दीवार कम ऊंचाई की बनाने से ग्रामीणों की भूमि के कटाव का खतरा है, वहीं मिक्सर प्लांट की कम ऊंचाई वाली चिमनियों से निकल रहे धुएं से प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं करने से धूल उड़ती है, इससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इतना ही नहीं सड़क कटिंग के दौरान क्षतिग्रस्त हुई गांव की पेयजल लाइन को भी अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है।
उन्होंने सभी समस्याओं का समाधान होने तक निर्माण कार्य नहीं होने देने का ऐलान किया है। वहीं, प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाल अरुण कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और कार्यदायी कंपनी के प्रतिनिधियों से वार्ता की। तय हुआ है कि बुधवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक आ रहे हैं उनसे वार्ता कर समस्या दूर कराई जाएगी। प्रदर्शन में प्रधान नवीन बोहरा, पूर्व प्रधान सरोज देवी, मिलाप सिंह, देव राम, जगदीश पांडेय, हरीश जोशी, विजय धौनी, नारायण जोशी आदि शामिल थे।
पुलिस ने कार्यदायी ठेकेदार कंपनी को नोटिस थमाया
ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस ने निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर पानी का छिड़काव न करने पर निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी आरजी विल्डवेल को नोटिस थमाया है।
कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद मौका मुआयना किया गया तो पाया कि ठेकेदार कंपनी निर्माणाधीन सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कर रही है। कोतवाल ने बताया कि कंपनी के परियोजना प्रबंधक मनीष सांडल्य को नोटिस जारी कर सड़क पर पानी का नियमित रूप से छिड़काव न करने पर कानूनी कार्रवाई की हिदायत दी गई है।