चंपावत। राज्य सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग के माध्यम से चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं में बजट आवंटित न होने के कारण लाभार्थियों को राशि का इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण अनुसूचित जाति के अंत्योदय, बीपीएल राशन कार्डधारकों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के तहत चंपावत जिले में 70 आवेदन पत्रों के लिए 50 हजार रुपये का इंतजार है।
सहायक समाज कल्याण दीपक गहतोड़ी के अनुसार शादी अनुदान योजना में बजट की मांग की गई है। चालू वित्तीय वर्ष के मार्च तक सभी लाभार्थियों को अनुदान की राशि अवमुक्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए अनुदान योजना के तहत महिला कल्याण विभाग से पेंशन प्राप्त कर रही सभी वर्गों की विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए 50 हजार रुपये की राशि अनुदान में देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत वर्तमान में जिले में 30 आवेदन पत्र लंबित हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा पुनर्विवाह योजना में 35 वर्ष से कम आयु की विधवा से अविवाहित, विधुर व्यक्ति के विवाह करने पर दंपति को 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
अनुदान की राशि का इंतजार कर रहे 70 आवेदक
नहीं मिल पा रहा अंत्योदय और बीपीएल लाभार्थियों को लाभ
पुत्रियों की शादी अनुदान के रूप में मिलते हैं 50 हजार रुपये
लंबित हैं विधवाओं की पुत्रियों की शादी अनुदान के 30 आवेदन
पेंशन योजनाओं के 100 लाभार्थियों की मौत हुई
चंपावत। समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने वाले 100 लाभार्थियों की बीते वर्ष मौत हो चुकी है। इस बात की पुष्टि समाज कल्याण विभाग की ओर से भेजे गए पोस्ट कार्डों की वापसी से हुई है। विभाग ने दो माह पूर्व डेढ़ हजार से अधिक पेंशन लाभार्थियों को पोस्टकार्ड के जरिए आधार नंबर जमा करने का अंतिम नोटिस जारी किया था। इनमें से 100 पोस्टकार्ड वापस समाज कल्याण विभाग में पहुंच गए हैं। इनमें डाक विभाग के पोस्टमैनों ने संबंधित लाभार्थी की मौत की पुष्टि की है।
जिले में 20240 लाभार्थियों को पेंशन मिलती है
चंपावत। जिले में समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जाने वाली विभिन्न पेंशन योजनाओं से 20240 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि जिले में वृद्धावस्था पेंशन के 12881, विधवा पेंशन के 5316, दिव्यांग पेंशन के 2043 लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।