चंपावत। 27 किमी दूर बड़ौली गांव के बीपीएल कार्डधारी मरीज को न आयुष्मान योजना का लाभ मिला और न उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए आपात चिकित्सा सेवा 108 मिल सकी। थक-हार कर दिल्ली में काम करने वाला बेटा छह हजार में कार बुक कराकर पिता को दिल्ली ही ले गया।
बड़ौली गांव के टीकाराम (61) पुत्र मोती राम की तीन दिन पूर्व तबियत बिगड़ी। परिजन शनिवार को उन्हें जिला अस्पताल लाए। डॉ. इरफान द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि टीका राम को तीन दिन से खून की उल्टी, पेट में अल्सर के अंदेशे के चलते एंडोस्कोपी कराना जरूरी था।
दिल्ली में काम करने वाले टीकाराम के बेटे गिरीश ने आपात चिकित्सा सेवा 108 को कॉल की मगर चंपावत की पुरानी एंबुलेंस इस लायक नहीं थी कि वह यहां से हल्द्वानी तक जा सके। लोहाघाट की 108 सेवा में कर्मचारी के छु़ट्टी में होने से यह एंबुलेँस भी उपलब्ध नहीं थी। थक-हारकर गिरीश छह हजार रुपये में कार बुक कराकर अपने बीमार पिता को हल्द्वानी के बजाय दिल्ली ले गए। गिरीश ने बताया कि उनके पास बीपीएल कार्ड है लेकिन आयुष्मान बीमा योजना की सूची में उनका नाम ही नहीं है।
चंपावत की आपात चिकित्सा सेवा 108 की नई एंबुलेंस को दिवाली से पहले पहुंचना था मगर यह अबतक नहीं पहुंची। चंपावत की पुरानी एंबुलेंस की हालत इस लायक नहीं है कि उसे 25 किलोमीटर से अधिक दूर भेजा जा सके। लोहाघाट की एंबुलेंस का प्रयास किया गया मगर दिन की शिफ्ट के स्टाफ के शुक्रवार से दो दिन के अवकाश में होने से लोहाघाट की एंबुलेंस भी मुहैय्या नहीं हो सकी।
- रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात सेवा 108।