फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथ लगाते ही भरभरा कर गिरने लगा रेडिमेड स्कबर

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में पिछले साल से बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। 1626.84 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के नवंबर 2019 में पूरा होने के बाद आवाजाही आसान होने के खूब दावे किए जाते हैं।
विज्ञापन


बुधवार रात धौन क्षेत्र के वायरल हुए एक वीडियो ने बारहमासी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में बारहमासी सड़क के लिए लाया गया रेडिमेड स्क्रबर हाथ लगाते ही भरभराने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद स्क्रबर को मशीन से तोड़ दिया गया। अलबत्ता मामले के सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

150 किमी लंबी बारहमासी सड़क में सैकड़ों जगह कॉजवे बनाए जाने हैं। ज्यादातर जगह इनमें रेडिमेड स्क्रबरों का उपयोग किया जा रहा है। धौन के ग्राम प्रधान श्याम प्रसाद ने बताया कि बुधवार को धौन के पास आपदा राहत के लिए तैनात कुछ पुलिस कर्मियों ने वहां रखे स्क्रबर को हाथ से रगड़ा, तो स्क्रबर का बाहरी हिस्सा टूटने लगा। जबकि सामान्य स्थिति में सीमेंट, सरिया की उचित मात्रा से तैयार किए गए स्क्रबर आसानी से क्षतिग्रस्त नहीं होते हैं। एनएच के अधिकारियों से संपर्क नहीं होने से मामले में उनका पक्ष नहीं जाना जा सका है।
विज्ञापन


वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच कराई जाएगी। पहली नजर में स्क्रबर की गुणवत्ता कमजोर लग रही है। इंजीनियरों के साथ मैं मौके पर जाऊंगी। दो दिनों के भीतर जांच शुरू हो जाएगी।
- सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम, चंपावत।

खाई में फेंका जा रहा था मलबा, 20 हजार जुर्माना
लोहाघाट (चंपावत)। बारहमासी सड़क में मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए मलबे को सीधे खाई में डालने पर वन विभाग ने जुर्माना लगाया है। काली कुमाऊं के आरक्षित वन क्षेत्र में डंपिंग जोन के अलावा अन्यत्र मलबा फेंकने पर वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने काम करा रही डंकन एंड कैनन कंपनी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

बताया कि सिंगदा के पास कार्य करा रही इस कंपनी द्वारा सड़क कटिंग के मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर आरक्षित वन क्षेत्र में डाला जा रहा था। इससे पूर्व भी क्षेत्र में काम करा रही कई कंपनियों के खिलाफ जंगलों में मलबा फेंकने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें