चंपावत। चंपावत और लोहाघाट नगरीय क्षेत्र की बिजली व्यवस्था जून 2019 तक तमाम खामियों से मुक्त हो जाएगी। गड़बड़ियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 9.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
एकीकृत पावर विकास स्कीम (आईपीडीएस) के अंतर्गत होने वाले इस काम के लिए इन दिनों बड़े पैमाने पर जरूरी बिजली सामग्री एकत्र की जा रही है और पहली जनवरी से काम भी शुरू हो जाएगा।
योजना के पूरा होने से इन दोनों शहरों की बिजली आपूर्ति में गुणात्मक सुधार होने के साथ ही बिजली संबंधी हादसों में भी कमी आएगी।
आईपीडीएस के तहत इन दिनों ट्रांसफार्मर, बिजली के पोल, केबलों के बंडल आदि को कार्यस्थल में पहुंचाया जा रहा है। निजी कंपनी (एसआरवी टेक्रो इंजीनियरिंग कंपनी दिल्ली) को 18 माह के भीतर इस काम को पूरा करना है।
- राजेश कुमार, ईई, चंपावत खंड (यूपीसीएल)।
मरम्मत कार्य के लिए कुल 9.62 करोड़ (चंपावत नगर क्षेत्र में 5.91 करोड़ और लोहाघाट के लिए 3.71 करोड़) रुपये स्वीकृत किए गए हैं। काम पूरा होने के बाद बिजली लाइन में गड़बड़ियां कम आएंगी। इस वक्त डिवीजन में करीब 29 प्रतिशत लाइन लॉस होता है, जिसमें गिरावट आएगी।
डीएस बिष्ट, ईई, परियोजना खंड (यूपीसीएल)।
योजना के तहत होने वाले कार्य
एलटी और 11 केवी की लाइन के खुली लाइनों को एक गुच्छे में डाला जाएगा।
बिजलीघर की कमी को दूर किया जाएगा।
41.9 किमी एलटी लाइन को सुधारा जाएगा।
36.5 किमी 11 केवी लाइन को नया और उच्चीकृत किया जाएगा।
25, 63, 100 और 250 केवी के 17 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
1150 परिवारों के मीटरों को खंभे पर लगाया जाएगा।
800 खराब मीटरों की मरम्मत होगी।
65 ट्रांसफार्मरों में मीटर लगाए जाएंगे।
बिजली के खराब पोलों को भी बदला जाएगा।