टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खुले पंद्रह दिन का समय बीत चुका है, लेकिन केंद्र में अब तक बिक्री के लिए एक दाना गेहूं नहीं पहुंचा है। गेहूं का समर्थन मूल्य सरकार ने 1840 रुपये तय किया है। राज्य सरकार 20 रुपये बोनस दे रही है, लेकिन सरकार का यह मूल्य भी किसानों को नहीं लुभा पा रहा है।
जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में गेहूं की कटाई और मढ़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। कई किसानों ने गेहूं की बिक्री भी शुरू कर दी है, लेकिन किसान सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं की बिक्री करने के बजाय खुले बाजार में बेचना ज्यादा मुनासिब मान रहे हैं। किसानों का गेहूं खरीदने के लिए बहुउद्देशीय टनकपुर साधन सहकारी समिति द्वारा हर वर्ष क्रय केंद्र खोले जाते हैं। इस बार भी समिति ने टनकपुर मंडी समिति और बनबसा में एक अप्रैल से केंद्र खोल दिए हैं। समिति की सचिव अपर्णा वल्दिया का कहना है कि क्रय केंद्रों में कांटे लगाने के साथ ही किसानों के बैठने और विश्राम के भी प्रबंध किए गए हैं। उनका कहना है कि किसान गेहूं की कटाई में व्यस्त हैं, लेकिन गेहूं की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि कटाई-मढ़ाई के बाद किसान केंद्रों में गेहूं की बिक्री के लिए आना शुरू होंगे।
बनबसा केंद्र के प्रभारी डिगर चंद ने बताया कि किसानों द्वारा अपने गेहूं बेचने को लेकर पंजीकरण कराया जा रहा है, लेकिन गेहूं की खरीद शुुरू नही हो पाई है। संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्र के किसान सोमवार से गेहूं खरीद केंद्र में बेचने को लाएंगे।