चंपावत। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर के फायर स्टेशन को निकट भविष्य में अपना भवन मिल जाएगा। इसके लिए राजकीय निर्माण विभाग ने एक करोड़ रुपये का आगणन शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद टनकपुर में फायर स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
अप्रैल 2007 में टनकपुर लीसा डिपो के बड़ा अग्रिकांड हुआ था। जिसमें एक चौकीदार की मौत के अलावा 10 करोड़ रुपये से अधिक का लीसा जला था। इसके कुछ वर्ष बाद टनकपुर में फायर स्टेशन खुला। फायर स्टेशन तो यहां खुल गया, पर अपना भवन नहीं होने से यह स्टेशन किसी तरह चलाया जा रहा है। अपना भवन नहीं होने से अधिकारी-कर्मियों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ती है।
पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने टनकपुर फायर स्टेशन के भवन के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजे। और अब राजकीय निर्माण विभाग ने कार्यालय निर्माण के लिए आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया है। कार्यालय के लिए दो मंजिला भवन का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें कार्यालय कक्ष, ड्यूटी रूम और दो मंजिला में कर्मचारियों के रहने के लिए तैयार किया जाएगा। राजकीय निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता पीएस वर्मा ने बताया कि टनकपुर फायर स्टेशन के लिए एक करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
गोदाम में रात काटते हैं फायर कर्मी
जिला मुख्यालय से 75 किमी दूर मैदानी हिस्से टनकपुर में फायर स्टेशन सात साल पूर्व खुला। मगर यहां फायर स्टेशन का अपना भवन नहीं है। फायर सर्विस अधिकारी श्याम सिंह रावत का कहना है कि फिलहाल शारदा नदी के पास करीब दो दशक पूर्व बने पूर्ति विभाग के एक गोदाम में फायर कर्मियों का बसेरा बना हुआ है।