लोहाघाट (चंपावत)।
बाराकोट विकासखंड के फर्तोला आंगनबाड़ी केंद्र में बजट के अभाव में टेक होम राशन (टीएचआर) नहीं बंट पा रहा है। लाभार्थियों को सरकारी सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। गर्भवती, धात्री महिलाओं, तीन वर्ष तक के बच्चों को अगस्त, सितंबर, अक्तूबर का टीएचआर अभी तक नहीं मिल पाया है। नवंबर का टीएचआर उधार लेकर बांटा गया। मानदेय न मिलने से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को काफी परेशानी हो रही है।
अमर उजाला ने इस केंद्र का जायजा लिया तो यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दमयंती वर्मा, सहायिका देवकी देवी बच्चों को पढ़ा रही थीं। आशा कार्यकर्ता रेनू देवी भी मौजूद थीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्मा ने बताया कि केंद्र में सात माह से तीन वर्ष तक के 10, तीन से छह वर्ष तक के चार बच्चे, एक गर्भवती, दो धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। इस साल जुलाई, अगस्त, सितंबर का आधा मानदेय मिला है, जबकि अक्तूबर का भुगतान ही नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दमयंती वर्मा का कहना है कि यहां पंजीकृत गर्भवती, धात्री, तीन वर्ष तक के बच्चों को अगस्त, सितंबर, अक्तूबर का टीएचआर नहीं दिया जा सका है। नवंबर का टीएचआर उधार लेकर बांटा जा रहा है।
ठंडे बस्ते में गई वृद्धा पोषण आहार योजना
राज्य सरकार द्वारा संचालित वृद्धा पोषण आहार योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। केंद्र में छह बुजुर्ग पंजीकृत हैं, जिन्हें पिछले अप्रैल से पोषाहार का वितरण नहीं हो पाया है। बाल विकास विभाग द्वारा वृद्धों को बांटे जाने वाले टीएचआर का लंबे समय से वितरण न होने से वृद्ध काफी निराश हैं। पोषाहार न मिलने से बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है।
कोट
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय केंद्र, राज्य सरकार आधा-आधा देती हैं। केंद्र से आए बजट से आधे मानदेय का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन राज्य सरकार से बजट नहीं आ पाया है। बजट आने पर ही मानदेय दिया जा सकेगा। बजट के अभाव में जो कार्यकर्ता टीएचआर नहीं बांट सके, उनको भुगतान नहीं मिलेगा। अलबत्ता इस माह के टीएचआर का वितरण हो चुका है।
- पुष्पा कोठारी, सीडीपीओ, बाल कल्याण विभाग, बाराकोट।