चंपावत/लोहाघाट। जिले के विभिन्न स्थानों में इन दिनों रामलीला मंचन की धूम मची हुई है। जिला मुख्यालय के मल्लीहाट के अलावा फुलारागांव, स्वांला, मौशराड़ी बनलेख और खेतीखान के अलावा लोहाघाट, कर्णकरायत, चमदेवल, मडलक और पुलहिंडोला में रामलीला मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है।
खेतीखान में कमेटी अध्यक्ष मुकेश राज देउपा की अगुवाई में दूसरे दिन विश्वामित्र के दशरथ से मिलकर यज्ञ की सुरक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को आश्रम भेजने की लीला का मंचन किया गया। मल्लीहाट की रामलीला में मथुरा से आई टीम ने लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया। इस दौरान राम के पात्र ने मैं रण में अकेला तड़पूं भैया आंखें खोल खोल खोल की शानदार प्रस्तुति दी। मौराड़ी बनलेख में ताड़िका वध की लीला का मंचन किया गया। लोहाघाट में विभीषण का राम की शरण में जाने से लेकर विभीषण का राज्याभिषेक, लक्ष्मण को शक्ति लगना, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाना, लक्ष्मण की मूर्छा टूटने की लीला दिखाई गई। कर्णकरायत में मेघनाद द्वारा राम लक्ष्मण को नाग पास में बांधना, कुंभर्कण वध, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाना, लक्ष्मण की मूर्छा टूटना, मेघनाद की भुजा कटकर सुलोचना के पास जाना, सुलोचना का विलाप, सुलोचना का राम के पास जाने की लीला दिखाई गई।
चमदेवल में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भुवन धौनी के दिशा निर्देशन में रामलीला का शुभारंभ हो गया है। बसकुनी के ग्राम प्रधान मदन कलौनी द्वारा बतौर मुख्य अतिथि लीला का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिन रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद द्वारा हिमालय में तप करने से लेकर राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता जन्म तक की लीला दिखाई गई। मड़लक की रामलीला में दशरथ द्वारा पुत्रेष्ठि यज्ञ करना, राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन, सीता का जन्म, विश्वामित्र द्वारा राम लक्ष्मण को मांगना, ताडिका, सुबाहु वध की लीला दिखाई गई। सेल्पेडू में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजपाल सामंत की अध्यक्षता में यज्ञ की रक्षा के लिए मुनि विश्वामित्र द्वारा राम लक्ष्मण को मांगना, ताड़का वध की लीला का मंचन हुआ।