जिले में बीपीएल और अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को मिलने वाली विवाह अनुदान योजना के 110 आवेदक बजट का इंतजार कर रहे हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को 50 हजार रुपए की धनराशि दी जाती है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी के अनुसार शादी अनुदान योजना में बजट की मांग की गई है। चालू वित्तीय वर्ष के मार्च तक सभी लाभार्थियों को अनुदान की धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए अनुदान योजना के तहत महिला कल्याण विभाग से विधवा पेंशन प्राप्त कर रही सभी वर्गों की विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए 50 हजार रुपए की धनराशि अनुदान में दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत जिले में 25 आवेदन लंबित हैं, जबकि इनके सापेक्ष सात लाख रुपए की धनराशि शासन की ओर से अवमुक्त कर दी गई है। जिसका नियमानुसार भुगतान लाभार्थियों के खाते में किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा पुनर्विवाह योजना में 35 वर्ष से कम आयु की विधवा से अविवाहित अथवा विधुर व्यक्ति के विवाह करने पर दंपति को प्रोत्साहन स्वरूप 11 हजार रुपए की धनराशि अनुदान में दी जाती है। विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत इस वर्ष केवल एकमात्र आवेदन प्राप्त हुआ है। जिसमें जिले के डांडा ककनई निवासी नवदंपति को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है।
अनुदान की राशि बढ़ाने के बाद नहीं हुआ भुगतान
चंपावत। अनुसूचित जाति के अंत्योदय कार्डधारकों, बीपीएल श्रेणी के 1250 रुपये मासिक आय वाले व्यक्तियों को शादी अनुदान के रूप में पूर्व में दस हजार रुपए की धनराशि दी जाती थी। लेकिन राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2014-15 में योजना की धनराशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई थी। इसके बाद से लाभार्थियों को एक बार भी अनुदान की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। विधायक हेमेश खर्कवाल का कहना है कि शादी अनुदान योजना में अब तक बजट आवंटित न होना गंभीर बात है। इसके कारणों का पता लगाकर जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा।