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पेड़ गिरने से मझेड़ा बस्तिया के समीप 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त

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चंपावत के मझेड़ा बस्तिया में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के मझेड़ा बस्तिया के समीप बिजली की 11 केवी की लाइन में पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सीमांत तल्लादेश क्षेत्र के करीब 12 गांवों में पिछले दो दिनों से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। बिजली गुल होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारु करने और क्षेत्र के लिए बिजली का अलग फीडर बनाने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तल्लादेश क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए चल्थी फीडर से 11 केवी की बिजली की लाइन खींची गई है। बृहस्पतिवार की शाम मझेड़ा बस्तिया के पास जंगल की आग की चपेट में आकर एक बड़ा पेड़ इस लाइन पर गिर गया। इससे बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त होने से सीमांत के मंच, तामली, पोलप, बचकोट, सिमयांउरी, रियांसी, बमनगांव, तरकुली, दुबडजैनल, रमैला, हरम, लवार्गी समेत करीब 12 गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। अभी तक इन गांवों में बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊर्जा निगम की ओर से तल्लादेश क्षेत्र के लिए अलग से फीडर नहीं लगाया गया है। इसके चलते मामूली फॉल्ट आने पर भी ऊर्जा निगम की ओर से क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज जोशी, पूर्व प्रधान विपिन जोशी, दान सिंह बोहरा, नारायण सिंह रैंसवाल आदि ने कहा कि लंबे समय से तल्लादेश के लोग अलग से फीडर लगाने की मांग कर रहे हैं। ऊर्जा निगम की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही क्षेत्र के लिए अलग से फीडर नहीं लगाया गया तो क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। दूसरी तरफ ऊर्जा निगम के अवर सहायक अभियंता रमेश पंत बताया कि अमोड़ी क्षेत्र में अलग से बिजलीघर प्रस्तावित है। बिजली घर के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त बिजली की लाइन को ठीक किया जा रहा है। जल्दी ही तल्ला देश क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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