टायर खराब होने से जीवनदायिनी 108 सेवा के पहिये थम गए हैं। इसका संचालन ठप होने से लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। 108 आपात सेवा कर्मियों को भी तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।
तकनीकी खराबी आने से 108 सेवा छह सितंबर से नगर के शिवालय मंदिर पुल के पास खड़ी हो गई है। छह सितंबर से पूर्व तक घिसे टायरों के बावजूद 108 आपात सेवा द्वारा जैसे तैसे अधिकतम 10 से 12 किमी की दूरी के केस लिए जा रहे थे। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल रही थी, मगर अब इस सेवा का संचालन पूरी तरह ठप होने से लोग काफी परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कतें कामाज्यूला, बैड़ा बैड़वाल, बर्दाखान, रौंसाल, मटियानी, पंचेश्वर, दिगालीचौड़, चमदेवल आदि दूरस्थ क्षेत्र के गरीब लोगों को हो रही है। इनके लिए यह सेवा खासी फायदेमंद थी। सेवा के ठप होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उपचार के लिए मरीजों को लाने में उन्हें आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है। लोग अपने रोगियों को कर्ज लेकर निजी वाहन बुक कराकर लाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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19 अगस्त से बंद है एक खुशियों की सवारी
लोहाघाट की खुशियों की सवारी के पहिये भी जाम हो गए हैं। टायरों की कमी की वजह से 19 अगस्त से इनका संचालन बंद है। खुशियों की सवारी अस्पताल से जच्चा-बच्चा को घर तक पहुंचाने के उपयोग में लाई जाती है। जिले में तीन (चंपावत, लोहाघाट व टनकपुर) खुशियों की सवारी है।
कोट
108 आपातकालीन सेवा खराब होने की सूचना उच्चाधिकारियों को देने के साथ मुख्यालय को टायरों की मांग भेज दी गई है। आपात सेवा 108 में तकनीकी खामी है। इसे ठीक करने में एक सप्ताह लग सकता है। हल्द्वानी या पिथौरागढ़ से मैकेनिक को बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों को एक माह का वेतन दिया जा चुका है। दो माह का वेतन भी जल्द ही रिलीज होगा।
हिम्मत चंद, जिला प्रभारी, आपात सेवा 108 चंपावत।
अटेंड नहीं हो रहे हैं रेफरल केस
चंपावत। जिले के अन्य आपात सेवा 108 सेवा महज 12 किलोमीटर के दायरे में ही सेवा दे पा रही है। जिले के अस्पतालों से रेफरल होने वाले केसों को उच्च केंद्रों तक ले जाने के लिए लोगों को अपनी व्यवस्था खुद करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएमएस) डा.आरके जोशी ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा है। जिले की पांच आपात सेवा 108 में से मात्र एक टनकपुर को छोड़कर शेष (चंपावत, लोहाघाट, पाटी व रीठा साहिब) वाहनों के टायरों की हाल ठीक नहीं है। लोहाघाट की सेवा पूरी तरह बंद है। अन्य सेवाएं बमुश्किल 12 किलोमीटर के दायरे में ही मरीजों को अटेंड कर रही है। इसका असर गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। आपात सेवा 108 के राज्य समन्वयक मनीष टिंकू का कहना है कि इन वाहनों के लिए जल्द ही टायरों की आपूर्ति हो जाएगी। इसके लिए धन भी रिलीज हो गया है।