चंपावत। आपात सेवा 108 की एंबुलेेंस में स्टैप्री न होना एक बुजुर्ग महिला को भारी पड़ा। इसके चलते एंबुलेंस नहीं मिलने से महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। डड़ा बिष्ट गांव की इस महिला को आंगन में गिरने की वजह से जिला अस्पताल लाया गया था। गंभीर हालत की वजह से वृद्धा को हायर सेंटर भेजना जरूरी था, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिल सकी।
डड़ा बिष्ट की पार्वती देवी (75) पत्नी राम सिंह ऊंचाई से गिर कर चोटिल हुई। महिला को तुरंत जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि पार्वती की कमर के नीचे वाली हड्डी टूटी हुई थी। ईसीजी जांच में हृदयघात होने की पुष्टि होने पर बुजुर्ग महिला को शुक्रवार आधी रात को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। मगर हल्द्वानी ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं मिल सकी। जबकि इसके लिए अस्पताल के डॉ. मुकेश कुमार ने भी बात की। और शनिवार तड़के बुजुर्ग महिला की अस्पताल में ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मदद के लिए सीएमओ को भी फोन किया, लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई।
कोट
108 सेवा के लिए मरीज के तीमारदार की कॉल आई थी। मगर चंपावत की एंबुलेंस में चार ही टायर थे। रात को एक टायर पंक्चर होने से स्टैप्री को चौथे टायर के रूप में लगाया गया था। स्टैप्नी वाले टायर की स्थिति ठीक नहीं होने से एंबुलेंस को हल्द्वानी तक ले जाना जोखिमभरा था। जबकि लोहाघाट की एंबुलेंस किसी मरीज को लेने गई थी। इसलिए उसे भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
भास्कर शर्मा,
जिला समन्वयक,
108 सेवा, चंपावत।