अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। जिले के निजी स्कूलों को जल्द ही बकाया रकम मिल जाएगी। ये राशि आरटीई (शिक्षा के अधिकार) के तहत निजी स्कूलों को दी जानी है। इसके लिए शिक्षा विभाग को 2.82 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। धनराशि मिलने से जिले के चारों ब्लॉकों के 103 स्कूलों को राहत मिल सकेगी। ये रकम खंड शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। जहां से ये रकम संबंधित निजी स्कूलों के खाते में जमा की जाएगी।
शिक्षा विभाग को शासन से 2.82 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। जिला समन्वयक मोहन सेलिया ने बताया कि जिले के चारों ब्लॉकों में स्थित 103 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 2018-19 के बकाये के अलावा पिछले वित्त वर्ष का भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत कक्षा एक से आठ तक ड्रेस के लिए एक छात्र को 400 रुपये, किताबों के लिए प्राथमिक वर्ग में 150 व जूनियर वर्ग में 250 रुपये दिया जाता है। इसके अलावा एमडीएम (मध्यान्ह भोजन योजना) के तहत प्राथमिक वर्ग की राशि भी दी जाती है।
बता दें कि आरटीई के अंतर्गत एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग, अनाथ बच्चे, विकलांग वर्ग के गरीब 55 हजार रुपये सालाना से कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों को पहली कक्षा में निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। जिले के मान्यता प्राप्त 103 प्राइवेट स्कूलों में 2019 में पहली कक्षा में 357 छात्रों ने दाखिला लिया। 2011 से शुरू इस योजना में अब तक प्राइवेट स्कूलों में 2991 से अधिक छात्र-छात्राएं नि:शुल्क प्रवेश ले चुके हैं। इसके अलावा इन छात्रों को मध्यान्ह भोजन योजना और पुस्तकों के लिए धन भी दिया जाता है।
ब्लाकवार भेजी रकम:
चंपावत: 1.32 करोड़ रुपये पाटी: 14.41 लाख रुपये लोहाघाट: 11.52 लाख रुपये बाराकोट: 19.86 लाख रुपये कोट आरटीई के तहत शासन से 2.82 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इस रकम को जिले के चारों ब्लॉकों के स्कूलों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। -आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।