चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान बनलेख की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे बनलेख, मौराड़ी, कसान, चंतोला, द्वारलेख, सिरनौला, चौड़ा आदि गांवों में पिछले एक सप्ताह से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लगी शिवालया कंपनी क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं कर रही है। वह योजना की मरम्मत करने बजाय टूटी पेयजल लाइन से पानी का उपयोग कंपनी के कार्यों में कर रही है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई है।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि क्षेत्र के गांवों में क्रांतेश्वर के जंगलों से बनी पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। इस योजना की लाइन सड़क निर्माण कार्य के चलते कई बार क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे लोगों को दूर गधेरों से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है।
पेयजल लाइन को ग्रामीणों ने ठीक करने का प्रयास किया तो सही लेकिन निर्माण कंपनी की ओर से पाइपों को फिर से तोड़ दिया गया है। जिस स्थान पर लाइन टूटी हुई है उस स्थान पर कंपनी ने तालाब बनाकर पानी का उपयोग अपने निजी कार्यों के लिए वाहनों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में रमेश चंद्र जोशी, देवी दत्त, जय दत्त, जीत राम, खीमराम, जयदत्त जोशी, तारा दत्त, चूड़ामणी, टीकाराम, खीमानंद, कमल चंद्र, मोहित भट्ट आदि ग्रामीण शामिल हैं।