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झूमाधुरी के जंगल में नियंत्रित फुकान से उठे धुएं से लोग सकते में

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लोहाघाट (चंपावत)। शहर से लगे पाटन-पाटनी के समीप झूमाधुरी के जंगल में बृहस्पतिवार को अपरान्ह के बाद अचानक लगी आग को देखकर लोग सकते में आ गए। लोगों ने तत्काल इस संबंध में वन विभाग से संपर्क किया तो पता चला कि जंगल में वन विभाग द्वारा नियंत्रित फुकान के लिए आग लगाई गई है। तब जाकर लोगों ने चैन की सांस ली।

वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी ने बताया कि जंगल में पड़ी घास, लकड़ी आदि को एकत्र कर उसमें आग लगाई जा रही है। ताकि फायर सीजन में जंगल में पड़ी घास आदि के कारण जंगल को नुकसान से बचाया जा सके। बताया कि पिछले कई वर्षों में जंगल में आग कम लगने के कारण भारी मात्रा में घास, पिरूल आदि एकत्र हो गया है। नियंत्रित फुकान के तहत जंगल में जगह-जगह फैले पिरूल, घास आदि को एकत्रित कर वन कर्मियों की मौजूदगी में जलाया जा रहा है।
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पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को हो चुका है नुकसान
लोहाघाट। लोहाघाट क्षेत्र में दिसंबर 2017 से अब तक जंगल में आग की दो घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हो चुका है। 30 दिसंबर को लोहाघाट से कुछ दूर कालाकोट वन पंचायत में तीन हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान हुआ था। इस साल 6 जनवरी को लोहाघाट के नजदीक नानबोरी पुल के पास बलांई के जंगल में आग लगी थी। जिसमें करीब दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हुआ था।
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