बनबसा (चंपावत)। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के डडेलधुरा जिले में इन दिनों च्यूरा के पौधों को लगाने का काम तेजी से चल रहा है। च्यूरा के पेड़ मिट्टी को जकड़ने के साथ ही इसके फलों के बीज के तेल से वनस्पति घी भी बनाया जाता है। डडेलधुरा स्थित परशुराम नगर पालिका-6 में हो रहे भूकटाव की रोकथाम को तराई भू परिधि (ताल) कोहलपुर बांके के आर्थिक सहयोग से च्यूरा के पौध लगाए जा रहे हैं। परशुराम नगर पालिका -12 जोगबुड़ा के अध्यक्ष कैलाश कुमार पांडेय ने बताया कि सिमलीखेत, सरकुंडा, ठन्नजाला क्षेत्र में उत्तम प्रजाति के च्यूरा के पौधे लगा दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण परियोजना समिति के उपाध्यक्ष दल बहादुर साउंद ने बताया कि अब 337 पौध लगाए जा चुके हैं। टनकपुर वासी डॉ. देवी दत्त जोशी ने राज्य सरकार से उत्तराखंड में च्यूरा के पौधों रोपण कराने की मांग की है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. जेबी चंद बताते हैं कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पहले खाना पकाने में च्यूरा के तेल का इस्तेमाल होता था। यह प्रोटीन की कमी को भी दूर करता है।