चंपावत। जीआईटी की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर विभाग तारकेश्वर मिश्रा ने बताया कि जीएसटी में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे। डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर) या आधार बेस्ड ई-साइन द्वारा एआरएन (एप्लीकेशन रिफ्रेंस नंबर) जनरेट करवाना सभी पंजीकृत व्यवसायियों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने जनसेवा केंद्र के प्रभारियों को व्यापारी संगठनों को एकत्र कर उन्हें कंप्यूटर आधारित प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जीएसटी के व्यवहारिक तौर-तरीके बताए। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत उन सभी व्यवसायी, उत्पादकों या सेवा प्रदाता को पंजीकृत होना होगा, जिनकी वर्षभर में कुल बिक्री का मूल्य एक निश्चित मूल्य से अधिक है। कार्यशाला में जीएसटी मित्र कुलदीप भंडारी, महेश चौहान सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए जीएसटी मित्र उपस्थित रहे।