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मलारी हाईवे पर दो घंटे तक हुआ काम, ग्रामीणों ने फिर रुकवाया

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भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से में बृहस्पतिवार को चौथे दिन बीआरओ ने हिल कटिंग कार्य शुरू किया, लेकिन दो घंटे काम करने के बाद फिर से रैणी गांव के ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया है। ग्रामीणों ने गांव का पुनर्वास और अपने खेतों की कटिंग का मुआवजा देने के बाद ही हिल कटिंग कार्य करने की बात कही। वहीं बीआरओ, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच देर शाम तक वार्ता होती रही। ऐसे में चौथे दिन भी मलारी हाईवे पर आवाजाही ठप रही।
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14 जून को भारी बारिश के चलते रैणी गांव के निचले हिस्से में जोशीमठ-मलारी हाईवे का करीब 40 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। रैणी गांव में कई सरकारी भवन भी भूस्खलन की जद में आ गए हैं। हाईवे निर्माण के लिए गांव के निचले हिस्से में बीआरओ ने हिल कटिंग कार्य शुरू किया तो ग्रामीणों ने अपनी निजी भूमि देने से इंकार कर दिया। तीन दिनों से बीआरओ और प्रशासनिक अधिकारियों की रैणी गांव के ग्रामीणों के साथ पुनर्वास और मुआवजा देने पर वार्ता चल रही थी, बृहस्पतिवार को दोपहर में बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट भी रैणी गांव पहुंचे। उन्होंने हाईवे कटिंग में आ रही ग्रामीणों की भूमि का उन्हें शीघ्र मुआवजा देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद अपराह्न तीन बजे से हाईवे के लिए हिल कटिंग का काम शुरू हुआ, लेकिन शाम पांच बजे जैसे ही बीआरओ की जेसीबी खेतों तक पहुंची तो ग्रामीणों ने कार्य रुकवा दिया। ग्रामीण गांव के पुनर्वास की मांग पर अड़ गए। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वार्ता चल रही है। शाम छह बजे से क्षेत्र में बारिश भी शुरू हो गई थी, जिस कारण कम रुक गया है।
कोट
मलारी हाईवे के लिए रैणी गांव में जो भी निजी भूमि अधिगृहीत की जाएगी, उसका चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों की सहमति पर गौरा देवी की प्रतिमा को रखने के लिए भव्य स्मारक बनाया जाएगा। रैणी गांव के भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद प्रभावितों को मुआवजा और पुनर्वास की कार्रवाई त्वरित गति से कराने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। - महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र।
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रैणी गांव में अभी तक सरकारी भवन ही हिल कटिंग के दायरे में आए हैं। रैणी गांव के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए देर रात तक गांव में वैज्ञानिकों की टीम पहुंच जाएगी। टीम की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली।
रैणी गांव के निचले हिस्से में मलारी हाईवे का 40 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। यहां नए समरेखण के तहत हाईवे का निर्माण किया जाएगा। सीमा क्षेत्र होने के कारण हाईवे को तत्काल खोलने की चुनौती भी है। ऋषि गंगा पर निर्मित वैली ब्रिज का सुधारीकरण कार्य भी कर दिया गया है। - कर्नल मनीष कपिल, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ।
इंसेट
रैणी गांव में दोबारा स्थापित होगा गौरा देवी का स्मारक
जोशीमठ। जंगलों की रक्षा के लिए पेड़ों से चिपककर देश-दुनिया में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली चिपको नेत्री गौरा देवी का स्मारक भी हाईवे निर्माण की भेंट चढ़ गया है। बृहस्पतिवार को सेना और बीआरओ के जवानों ने स्मारक से गौरा देवी की प्रतिमा को निकालकर गांव में सुरक्षित स्थान पर रख दिया है। विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि गौरा देवी की प्रतिमा को फिर से गांव में स्थापित किया जाएगा। ग्रामीणों की ओर से चयनित भूमि पर गौरा देवी का भव्य स्मारक विधायक निधि से बनाया जाएगा।
गौरा देवी की सहेलियों के आंखों में छलक उठे आंसू
जोशीमठ। हाईवे निर्माण के लिए गौरा देवी के स्मारक को हटाते वक्त कई महिलाओं की आंखें झलक उठीं। ग्रामीणों ने कहा कि सात फरवरी को ऋषि गंगा की आपदा के बाद रैणी गांव में आज दूसरी आपदा आई है। जिस वक्त गौरा देवी की प्रतिमा को निकाला जा रहा था, तो इसे देख गौरा देवी की सहेली बाली देवी के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं की आंखों से आंसू झलक रहे थे।
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