भोजन माताओं की बैठक में सरकार से सभी कामगारों के लिए न्यूनतम 26 हजार वेतन व अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की गई। इस दौरान सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पांच अप्रैल को दिल्ली में आयोजित रैली और प्रदर्शन को सफल बनाने पर भी चर्चा की गई।
सीटू के जिला संयोजक मदन मिश्रा ने कहा कि देश की सार्वजनिक संस्थाओं को बड़ी-बड़ी कंपनियों को काॅरपोरेट घराने के हवाले किया गया। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देश के किसान मजदूर एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा व भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने पांच मार्च को दिल्ली में संसद तक रैली निकालने का निर्णय लिया है। बैठक में सरकार से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, एमएसपी के साथ खरीद सुनिश्चित करने, गरीब एवं मध्यम दर्ज के किसानों और खेत मजदूरों को एकमुश्त ऋण माफ करने, 60 वर्ष से ऊपर सभी को पेंशन देने, मनरेगा का कार्य दिवस बढ़ाने व मजदूरी 600 करने आदि की मांग की गई। बैठक में भोजन माता तहसील यूनियन के अध्यक्ष कमला जोशी, जानकी देवी, सुहागा देवी, पूजा, गायत्री, मोहनी, खिमुली, पुष्पा और आनंदी आदि शामिल रहे।