सेंटर में अलग किया जाएगा गीला-सूखा कूड़ा
एक से डेढ़ माह में हो जाएगा तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। गैरसैंण नगर में कूड़ा प्रबंधन के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ सेंटर) का निर्माण किया जा रहा है। 1.90 करोड़ की लागत से बनने वाले एमआरएफ सेंटर में नगर का कूड़ा अलग-अलग किया जाएगा। यहां अभी तक पंचायत साइट डेवलपमेंट, पहुंच मार्ग आदि का काम पूरा हो चुका है। साथ ही दो नए कूड़े वाहन भी खरीदे गए हैं। वर्तमान में सेंटर में टिन शेड लगाने का काम चल रहा है। एक से डेढ़ माह में यह तैयार हो जाएगा।
गैरसैंण नगर पंचायत के अंतर्गत सात वार्ड सहित मुख्य बाजार से हर दिन करीब एक टन कूड़ा इकट्ठा कर डंपिंग जोन में डाला जाता है। यहां नगर पालिका के पर्यावरण मित्र जैविक-अजैविक कूड़े को अलग-अलग करते हैं। जबकि बचा हुआ अपशिष्ट वहीं छूट जाता है। ऐसे में नगर पंचायत की ओर से चगता गांव के पास 0.02 हेक्टेयर में मटेरियल रिकवरी रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण किया जा रहा है जिसकी क्षमता पांच टन कूड़े की रहेगी। नगर पंचायत गैरसैंण के अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार सैनी ने कहा कि यह आने वाले पंद्रह से बीस सालों की जनसंख्या को देखते हुए बनाया गया है। गीले कूड़े से खाद बनेगी और सूखे कूड़े को इकट्ठा कर बेचा जाएगा। इससे पालिका की आय में भी वृद्धि होगी। वहीं गैरसैंण नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि एमआरएफ सेंटर के बनने से नगर के कूड़े को अलग-अलग करने में आसानी होगी।