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निशानों के साथ विंशर देवता की जात विदा

Sun, 27 Dec 2015 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आदिबदरी।
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गैरसैंण ब्लाक के पट्टी मल्ला चांदपुर के पिंडवाली गांव में विंशर की जात पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंत्रोच्चारण और धार्मिक लोकगीतों और मंगल गीतों के साथ गांव के लोगों ने अपने परम ईष्ट विंशर देवता को गज, हित तथा लाटू देवता के निशानों के साथ एक माह की जात के लिए विदा किया।
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तीन दिनों से पिंडवाली गांव में 80 वर्षों के बाद हो रहे विंशर जात पर गांव में हर्षोल्लास का माहौल है। श्रद्धालुओं ने अपने ईष्ट विंशर देवता को गांव के मंदिर से बाहर लाकर पूजा कर देवता को निशान पर प्रतिष्ठित किया।

जात पर विदा करने से पूर्व विंशर देवता की पूजा की गई और उन्हें विभिन्न प्रकार के अनाज व फलों का भोग लगाया। पंडितों व वेलवाल पुजारियों ने भगवान का आह्वान किया।
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देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद ईष्ट विंशर जात पर निकल पडे़। अपने ईष्ट को विदा करते समय कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। गांव के चालीस लोगों की टोली के साथ ग्रामीणों ने विंशर देवता को विदाई दी।

आयोजन समिति के अध्यक्ष गबर सिंह नेगी और प्रधान हरदीप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में विंशर देवता पौड़ी जिले के ढैंचुली राठ गांवों में भ्रमण करेंगे। दूसरे चरण में चांदपुर के गांवों का भ्रमण कर कर्णप्रयाग संगम पर स्नान करने के बाद एक माह बाद आदिबदरी धाम होते हुए 23 जनवरी को पिंडवाली गांव में वापस पहुंचेंगे। इस अवसर पर जात का भव्य समापन समारोह होगा।
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