परियोजना प्रभावितों के विरोध के कारण विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का कार्य बीस दिनों से ठप पड़ा है। टीएचडीसी के महाप्रबंधक वीके सक्सेना का कहना है कि ग्रामीणों का धरना न्यायोचित नहीं है। 25 नवंबर से चल रहे ग्रामीणों के धरने से परियोजना को हर दिन करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने परियोजना कार्यालय और आवासीय परिसर में जाने वाली एकमात्र रोड और पुल को अवरुद्ध किया हुआ है।
महाप्रबंधक ने कहा कि परियोजना से प्रभावित हाट गांव के 93 प्रतिशत परिवारों को पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं दी जा रही हैं। ग्रामीणों को नियमानुसार मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन वह रोजगार की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने 28 नवंबर से परियोजना कार्यालय और कालोनी की एकमात्र रोड अवरुद्ध कर रखी है। कहा कि ग्रामीणों की न्यायोचित मांगों पर प्रशासन की मध्यस्थता में वार्ता के प्रयास किए गए, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। उधर, हाट गांव के ग्रामीणों का धरना कड़ाके की ठंड में भी जारी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा।