छह से अधिक गांवों के ग्रामीण हुए एकजुट, जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन, जल्द पहुंच मार्ग बनाने की मांग
कहा- यहां सात साल से बन रहा है मार्ग, मगर नहीं बनाया गया एप्रोच मार्ग
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संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। विकासखंड के डाड़िमडाली से गौल-मटकोट मार्ग पर रामगंगा नदी पर बने पुल के दोनों ओर एप्रोच मार्ग न बनने पर छह से अधिक गांव के ग्रामीण एकजुट हुए और नगर में आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कहा कि सात साल से यहां मार्ग का निर्माण किया जा रहा है लेकिन एप्रोच मार्ग अभी तक नहीं बनाया गया। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द पहुंच मार्ग बनाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासनिक सहायक अधिकारी रणजीत सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को मुसौ, पंचाली, भेड़ियाणा, गौल, रोहिड़ा, लखेड़ी और आसपास के गांव के ग्रामीण एकजुट हुए और नगर में आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। क्षेपंस विरेंद्र आर्य ने कहा कि रामगंगा नदी पर मोटर पुल बनाया गया है। वहीं पिछले सात वर्षों से गौल-मटकोट मार्ग का निर्माण किया जा रहा है लेकिन एप्रोच मार्ग नहीं किया गया है। ऐसे में अस्थायी सड़क और खड़ी चढ़ाई होने से वाहनों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं बारिश आने पर ग्रामीणों को पैदल ही आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द एप्रोच मार्ग नहीं बनता तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर पंचाली के प्रधान अब्बल सिंह, मुसौ की प्रधान संगीता देवी, भेड़ियाणा के प्रधान इंद्र सिंह रावत, गौल की प्रधान सुला देवी, रोहिड़ा की प्रधान आशा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य लखेड़ी धना देवी, विनोद सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सुधारीकरण के आठ माह बाद ही बदहाल पहुंचा चमोली-गोपेश्वर हाईवे
हाईवे के 40 मीटर हिस्से में लगाई गई टाइल्स भी उखड़ने लगीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमाेली-गोपेश्वर हाईवे हल्दापानी में बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। यहां एनएच की ओर से आठ माह पूर्व सुधारीकरण कार्य किया गया था। हाईवे के करीब 40 मीटर हिस्से में टाइल्स बिछाई थीं मगर टाइल्स उखड़ने लगी हैं। डामर भी उखड़ने लग गया है जिससे वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
सिंचाई विभाग की ओर से हल्दापानी भूस्खलन क्षेत्र में करीब 100 करोड़ की लागत से ट्रीटमेंट कार्य हुआ। इसी दौरान बीते वर्ष मई माह में एनएच की ओर से यहां हाईवे पर टाइल्स बिछाई गई। मगर अब ये टाइल्स और डामर उखड़ने लगा है। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि चमोली-गोपेश्वर सड़क चमोली बाजार से ही कई जगहों पर बदहाल स्थिति में है। पटियालधार से हल्दापानी तक हाईवे की स्थिति ज्यादा खराब है। यहां मेंटीनेंस के नाम पर लाखों रुपये तो खर्च किए जाते हैं मगर हाईवे किनारे नाली न होने से पानी सड़क पर बहता रहता है। एनएच को हाईवे के रख-रखाव पर ध्यान देना चाहिए। इधर एनएच के ईई ओंकार पांडे ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में सहायक अभियंता की ओर से निरीक्षण किया जाएगा। हाईवे को दुरुस्त किया जाएगा। संवाद