कश्मीर के गुलमर्ग से लापता हुए पज्याणा (आदिबदरी) गांव के सैनिक राजेंद्र सिंह नेगी की खोज में तेजी लाने की मांग को लेकर सिलपाटा, लंगटांई, खेती, पज्याणा के ग्रामीणों और परिजनों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी कर पुतला फूंका। इस दौरान तीन लोग ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे स्थित पुल पर चढ़ गए। मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत के बाद पुल से नीचे उतारा।
बृहस्पतिवार को पज्याणा क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण और सैनिक के भाई कुंदन सिंह और अन्य कर्णप्रयाग आए और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। सैनिक की खोज तेज करने की मांग को लेकर ग्रामीण मुख्य बाजार से होते हुए ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पुल पर पहुंचे। इसी दौरान जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, ग्रामीण अमर सिंह और खुशाल सिंह पुल पर चढ़ गए। सूचना पर एसडीएम वैभव गुप्ता और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। करीब आधे घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर तीनों लोग मोटर पुल से नीचे उतरे। ग्रामीणों ने कहा कि आठ जनवरी को हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी लापता हुए थे लेकिन उनकी खोज करने में सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। सैनिक को लेकर परिजनों के साथ ही राज्य के लोगों में चिंता बढ़ रही हैं। प्रदर्शन करने वालों में केदार सिंह, नंदन सिंह, गोविंद सिंह, पान सिंह, नरेश सिंह, अमित और आनंदमणि आदि ग्रामीण थे।