देवाल के बोरागाड़ पुल से यूं कर रहे ग्रामीण आवाजाही।
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चमोली जिले के नारायणबगड़, थराली और देवाल ब्लाक के ग्रामीणों को पिंडर नदी पार करते समय खतरे से झेलना पड़ रहा है। पिंडर नदी में जून 2013 में पिंडर नदी में आई बाढ़ को अब तीन साल बीतने को हैं। इस नदी में बाढ़ में बह चुके पुलों का निर्माण का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। जिसके कारण लोगों को लकड़ी के पुल से नदी पार करनी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि जून 2013 में आई बाढ़ से पिंडर नदी में चमोली में जिले के ब्लाकों के पांच पुल बह गए थे। इनका अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। शासन की ओर से इनमें से तीन झूला पुलों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनका निर्माण लोक निर्माण विभाग के विश्व बैंक डिविजन गोपेश्वर की ओर से किया जाना है। लेकिन अभी तक इनका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बाढ़ में बहे पुलों झूला पुलों का निर्माण न होने से लोगों को लकड़ी के पुलों से नदी पार करनी पड़ रही है।
कुछ दिन बाद बरसात शुरू होने वाली है। जिससे नदी का जल स्तर बढ़ना है। ऐसे में पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों को खतरे से जूझते हुए लकड़ी के पुल से नदी पार करनी पड़ेगी। जिसमें उन्हें काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ेगा। बोरागाड़ के कमल सिंह भंडारी, नारायणबगड़ के जयवीर कंडारी, थराली के मनमोहन आदि लोक निर्माण विभाग स्वीकृत पुलों में शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत पुलों के बनने से लोगों को नदी पार करने में खतरे से नहीं जूझना पड़ेगा।
बोरागाड़ में पुल का काम शुरू कर दिया गया है। थराली में ट्राली शिफ्ट किए जाने काम किया जा रहा है। इसके बाद इसका निमार्ण कार्य शुरू किया जाएगा। नारायणबगड़ में पुल निर्माण की सर्वे की जा रही है। पुलों के निर्माण में दो साल लगने की संभावना है।
-मनोज भट्ट अधिशासी अभियंता लोनिवि विश्व बैंक डिवीजन गोपेश्वर