कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को ढाई हजार रुपये देने के आदेश को निरस्त करने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर जिले के ग्राम प्रधानों ने नगर में जुलूस निकाला और विकास भवन के गेट पर तालाबंदी की। ग्राम प्रधानों ने सरकार पर उनकी मांगों को अनदेखा करने का आरोप लगाया।
सोमवार सुबह 11 बजे भारी बारिश के बीच ग्राम प्रधान पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए। यहां से ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान जुलूस निकालते हुए विकास भवन में सीडीओ कार्यालय तक पहुंचे और प्रदर्शन किया। साथ ही विकास भवन के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। कार्यालय में सीडीओ के न मिलने पर डीआरडीओ के परियोजना निदेशक प्रकाश रावत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान हुई सभा में ग्राम प्रधानों ने कहा कि पिछले एक माह से ग्राम प्रधान मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। चेतावनी दी गई यदि शीघ्र मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। ग्राम प्रधानों ने 15वें वित्त की धनराशि में की जा रही कटौती को शीघ्र बंद करने, ग्राम प्रधानों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय देने, पंचायतों के अंतर्गत हो रहे विभिन्न मदों के कार्यों में ग्राम पंचायत की संस्तुति आख्या को जरूरी करने, मनरेगा के कार्य दिवस को 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने के साथ ही विभिन्न मांगें उठाईं। इस मौके पर दशोली ब्लॉक अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर, जोशीमठ के अध्यक्ष अनूप सिंह रावत, धीरेंद्र राणा, सुशील खंडूरी, डा. जगमोहन सिंह, मोनू सती, गोवर्द्घन प्रसाद, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पुष्कर राणा और सुरेंद्र धनेत्रा आदि मौजूद थे।