जिले के स्कूलों में बच्चों को वाहनों में बिना सुरक्षा इंतजाम के ढोया जा रहा है। शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल तक ले जाने और लाने के लिए सुरक्षित वाहनों की व्यवस्था नहीं है। हाल में ही घाट-भेंटी सड़क पर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही मैक्स खाई में गिर गई थी, जिसमें छह बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए थे। गनीमत यह रही कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन खाई में एक पेड़ पर अटक गया था, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों से अधिकांश बच्चे पठन-पाठन के लिए शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में आ रहे हैं। पोखरी, घाट, दशेाली, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, गौचर, नारायणबगड़, थराली, देवाल क्षेत्रों में छोटे वाहनों से बच्चों को शहरी क्षेत्र के प्राइवेट विद्यालयों में पठन-पाठन के लिए लाया जा रहा है, लेकिन सड़कों की बदहाली और वाहनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जिले की कई ग्रामीण सड़कें अभी तक आरटीओ पास नहीं हैं। जबकि कई सड़कें डामरीकरण न होने के कारण बदहाल पड़ी हुई हैं।
उक्रांद के पूर्व केंद्रीय प्रवक्ता सतीश सेमवाल का कहना है कि परिवहन विभाग की ओर से बच्चों को ले जा रहे वाहनों की नियमित चेकिंग की जानी चाहिए। वाहनों में फर्स्ट एड की सुविधा तक नहीं है। इधर, एआरटीओ एलविन रॉक्सी का कहना है कि छात्रों को लाने-ले जाने में लगे वाहनों की नियमित चेकिंग की जा रही है। बिना परमिट के मिले 11 वाहनों को नोटिस दिया गया है।