बरतोली के जंगलों में 12 मई 1999 को आग बुझाते समय अपने प्राणों की आहुति देने वाली वीरबाला बीना बिष्ट के बलिदान को याद किया गया। इस दौरान सामाजिक चिंतकों, पर्यावरणविदें और शिक्षाविदें ने घरों से ही स्व. बीना बिष्ट को श्रद्धांजलि देकर जंगलों के संरक्षण का संकल्प लिया।
लोक जागृति विकास संस्था के सचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि आज वीरबाला हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनका बलिदान हमेशा समाज को जंगलों की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। कहा कि बीना बिष्ट की स्मृति में प्रतिवर्ष मेले का आयोजन होता है लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण मेला नहीं हो सका। बलिदान दिवस पर दिया जाने वाला पर्यावरण संरक्षण व शिक्षा के क्षेत्र में दिया जाने वाला सम्मान बाद में दिया जाएगा। गौचर के पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी ने भी बीना बिष्ट को नमन किया।