विजयदशमी पर्व पर देवप्रयाग के रघुनाथ और चंद्रबदनी मंदिर में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। देवप्रयाग में रघुनाथ मंदिर परिसर में भगवान की उत्सव मूर्ति पत्थर की छतरी में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी गई।
मान्यता है कि भगवान राम ने रावण वध के बाद ब्रह्म हत्या से मुक्ति पाने के लिए यहां पर तप किया था। जिसके बाद हर विजय दशमी को लोग यहां पाप से मुक्ति के लिए गंगा, रामकुंड और संगम पर स्नान, दान और पूजन के लिए पहुंचते है। इस मौके पर रघुनाथ मंदिर और मां चंद्रबदनी मंदिर में श्रद्धालुओं ने जौ की हरियाली और प्रसाद ग्रहण कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी हीरामणि भट्ट, शिव प्रसाद, आशीष सेमल्टी, डीपी भट्ट, इंदुभूषण, शक्ति प्रसाद, सीताराम, काशीराम, रतिराम भट्ट आदि मौजूद थे। संवाद
रुद्रप्रयाग में देवी भक्तों ने आराध्य को शृंगार सामग्री और जौ की हरियाली भेंट की। शक्तिपीठ कालीमठ, सिद्धपीठ मठियाणाखाल, दुर्गा मंदिर फेगू, पीठासणी मंदिर सेमा-भरदार, कूष्मांडा मंदिर कुमड़ी, हरियाली मंदिर जसोली समेत जिले के अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने आराध्य की पूजा की।