सिमली महिला बेस अस्पताल में लगा था स्वास्थ्य शिविर
सीएमओ ने जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी किया तो शांत हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली महिला बेस अस्पताल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं बनने पर दिव्यांगों और तीमारदारों ने हंगामा किया। हंगामा होता देख विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद सीएमओ ने परीक्षण किया और एक को दिव्यांगता का प्रमाणपत्र दिया। इस पर लोग शांत हुए। इस दौरान शिविर में 510 लोगों ने पंजीकरण कर स्वास्थ्य जांच कराई।
सिमली में आयोजित शिविर का शुभारंभ करते हुए विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि सरकार की सेवा भाव योजना के तहत संचालित स्वास्थ्य शिविर में जनता को लाभ मिल रहा है। इसके बाद चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। इस दौरान नारायणबगड़ के दिव्यांग धीरज कुमार टम्टा, बीरेंद्र लाल, रघुवीर सिंह आदि ने दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं बनने पर हंगामा किया। हंगामा होते देख सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने धीरज का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 40 प्रतिशत का दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिया। जबकि दो अन्य की आंखों की जांच नहीं हो पाई। सीएमओ ने कहा कि शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने से दोनों की स्वास्थ्य जांच नहीं हो पाई। जल्द उनकी जांच करा दी जाएगी। सीएमओ डाॅ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जनपद चमोली में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में 45 हजार से अधिक लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है जबकि 1145 नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए। शिविर में सात लोगों के आधार एवं आयुष्मान कार्ड, 300 लोगों के वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन के आवेदनों का सत्यापन किया गया। इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, वरिष्ठ नेता टीका प्रसाद मैखुरी, उपजिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. बीपी पुरोहित, अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. साहिल भार्गव, जिपंस विक्रम कठैत, दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य गणेश मिश्रा आदि मौजूद थे।