उर्गम घाटी के ग्राम पंचायत बड़गिंडा गांव के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग पर सोमवार को कलक्ट्रेट मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जोशीमठ तहसील प्रशासन पर जिला प्रशासन को देरी से रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया। कहा गया कि वर्ष 2013 के जून माह से गांव भू-धंसाव के कारण रहने लायक नहीं रह गया है, ग्रामीण दहशत के साये में जीवन यापन कर रहे हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि बीते वर्ष आठ जुलाई को तहसील जोशीमठ से गांव का सर्वे कर विस्थापन की मांग की थी, लेकिन तहसील के अधिकारियों की उदासीनता के चलते जिला प्रशासन को 29 दिसंबर को गांव में भू-धंसाव से हुए नुकसान की रिपोर्ट सौंपी गई।
ऐसे में शासन की ओर से गांव के विस्थापन की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश चंद्र का कहना है कि बीते वर्ष जलप्रलय के बाद से गांव के निचले क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव हो रहा है, जिससे गांव के 120 परिवारों को खतरा बना हुआ है। भू-धंसाव से गांव में एक भी मकान सुरक्षित नहीं बचा है। कई भवनों के कमरों में भूमिगत पानी का रिसाव भी हो रहा है। कहा गया यदि शीघ्र गांव का विस्थापन नहीं किया गया तो ग्रामीण कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरू कर देंगे। इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष सरस्वती देवी, रणजीत लाल, महावीर, नारायण प्रकाश, जयचंद्र, विजय और सज्जनमणि आदि मौजूद थे।