बदरीनाथ हाईवे से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित अपर मैठाणा गांव के समीप सूखी घास पर आग भड़क गई। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को करीब ढाई घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। आग से अपर मैठाणा, चल्थर और रोपा गांव के लिए सप्लाई हो रही एलटी सर्विस की बिजली लाइनें भी जल गईं जिससे तीन गांवों की बिजली ठप पड़ गई। वहीं मैठाणा गांव के ग्रामीणों के खेतों में घास और सूखी लकड़ियां भी जलकर राख हो गईं। फायर ब्रिगेड की टीम यदि तत्परता नहीं दिखाती तो अपर मैठाणा गांव में भी आग फैल सकती थी।
बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे मैठाणा गांव के समीप कुछ अज्ञात लोगों ने सूखी घास पर आग लगा दी। देखते ही देखते आग विकराल हो गई। मैठाणा गांव में करीब 20 परिवार रहते हैं। उन्होंने जब यह देखा तो पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि ग्रामीण इसके नजदीक तक नहीं जा सके। ग्राम प्रधान शिव प्रसाद डिमरी और आयुष कोठियाल ने चमोली थाना और फायर ब्रिगेड को जानकारी दी इसके बाद फायर सर्विस की टीम दो वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। प्रभावित क्षेत्र से 66 केवी की बिजली लाइन भी गुजर रही है। फायर ब्रिगेड की ओर से पानी डालने पर करंट का खतरा हो सकता था जिसे देखते हुए ऊर्जा निगम के उपभोक्ता सदस्य शशि भूषण मैठाणाी ने निगम के ईई अमित सक्सेना काे बिजली सप्लाई बंद करने का अनुरोध किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने पानी डालकर आग बुझा दी। मगर इससे पहले बिजली की एलटी लाइन के खंभे और तार टूटकर नीचे गिर गए थे जिससे अपर मैठाणा, रोपा और चल्थर गांव में बिजली सप्लाई ठप पड़ गई।
वाहन से खत्म हुआ पानी
आग बुझाते हुए फायर ब्रिगेड के वाहन से पानी समाप्त हो गया था। इसके बाद वाहन करीब आधा किलोमीटर दूर जलस्रोत गया और पानी भरने के बाद फिर मौके पर पहुंचा। इसके बाद कुछ जगहों पर जल रही आग को बुझाया गया। आग की लपटें इतनी भयंकर थी कि 200 मीटर दूर पीपल के पेड़ तक आग जा पहुंचीं। इस पेड़ पर पक्षियों के घोंसले थे। यह देख फायर ब्रिगेड ने पेड़ पर लगी आग बुझाई और घोंसले जलने से बच गए।
अपर मैठाणा गांव के नजदीक के जंगल में आग लगने से आग गांव तक पहुंच गई थी। सूचना मिलने पर गोपेश्वर और चमोली से दो वाहन मौके पर भेजे गए। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग को बुझा दिया गया। - धीरज सिंह तड़ियाल, अग्निशमन अधिकारी, गोपेश्वर, चमोली।