विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के डैम साइट का कार्य कर रही हिंदुस्तान कंपनी और प्रभावितों के बीच उपजे विवाद में बुधवार को एसडीएम शैलेंद्र नेगी की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की बैठक हुई।
एसडीएम ने ग्रामीणों और कंपनी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना प्रशासन की अनुमति के परियोजना साइट पर गतिविधि नहीं होनी चाहिए। दोनों पक्षों को नसीहत दी गई कि भविष्य में डैम साइट पर किसी भी तरह का विवाद होने पर प्रशासन को सूचना दें।
बैठक के दौरान एसडीएम की ओर से जब कंपनी के अधिकारियों से ग्रामीणों को दिए गए रोजगार की जानकारी मांगी गई तो कंपनी प्रबंधन के अधिकारी बगलें झांकते नजर आए।
इस पर एसडीएम ने 23 जनवरी तक अनुबंध की शर्तों के मुताबिक 70 फीसदी प्रभावितों को परियोजना में रोजगार देने के निर्देश दिए। कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन की ओर से आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस मौके पर टीएचडीसी के डीजीएम पीके नैथानी, एचसीसी के परियोजना प्रबंधक अनिल शर्मा, भरत सिंह कुंवर, वन सरपंच प्रदीप भंडारी, दीपक रावत, आशा देवी, सावित्री देवी, लक्ष्मण सिंह, गुड्डु लाल और दिगंबर बिष्ट आदि मौजूद थे।
इंसेट
एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद परियोजना कार्य शुरू
एसडीएम की ओर से बुलाई गई परियोजना अधिकारियों और प्रभावितों की बैठक के बाद हेलंग में परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर किए गए मुकदमों में पुलिस की जांच चल रही है। जोशीमठ कोतवाली के कोतवाल हरेंद्र बिष्ट का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।