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नाराज लोगों ने एसडीएम से मुलाकात कर मंदिर के गेट पर सीवर चैंबर के निर्माण पर रोक लगाने की मांग उठाई

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कर्णप्रयाग। सीवर लाइन निर्माण की खुदाई के कारण उमा देवी मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गुस्साए लोगों ने एसडीएम से भेंट कर मंदिर के गेट का पुनर्निर्माण करने और गेट के आगे बन रहे सीवर चेंबर के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। लोगों ने कहा कि कार्यदायी संस्था जबरन प्रवेश द्वार पर सीवरेज चेंबर बना रही है।
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कर्णप्रयाग में इन दिनों नमामि गंगे योजना की ओर से करीब 20 मीटर सीवर लाइन के पाइप बिछाए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने उमा देवी मंदिर के गेट से आगे शक्तिनगर की ओर करीब 15 मीटर खुदाई करने के बाद प्रवेश द्वार पर सीवर चैंबर बनाने के लिए गेट की बुनियाद खोद दी। शुक्रवार सुबह तेज बारिश होने से मंदिर का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हो गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष रविंद्र पुजारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष गैरोला, अजय पुजारी, राजेंद्र नेगी, नरेश, कांति प्रसाद, आकाश पुजारी, अनूप चौहान ने कहा कि कार्यदायी संस्था नियमों को ताक पर रखकर जबरन मंदिर के गेट पर सीवरेज का चैंबर बना रही है। गेट के अंदर से पाइप लाइन बिछाई जा रही है। कहा कि गेट के ऊपरी भाग पर भूस्खलन होने से मंदिर परिसर को भी खतरा हो गया है। उधर पेयजल निगम के अवर अभियंता दीपक वत्स ने कहा कि क्षतिग्रस्त गेट और दीवार का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल सीवर लाइन बिछाने का काम रोक दिया है। मंदिर समिति के सदस्यों से बात कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की कार्रवाई की जाएगी।
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