मां उमा देवी की दिवारा यात्रा कनखुल मल्ला से रात्रि प्रवास के लिए कनखुल तल्ला गांव पहुंची। कनखुल तल्ला गांव में मां उमा और मां जिठांई देवी दोनों बहनों के 12 वर्षों के बाद हुए मिलन के दृश्य को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े।
बुधवार को कनखुल मल्ला में ब्रह्मबेला पर मां उमा देवी के पुजारियों राजेंद्र और अजय पुजारी ने उमा देवी, लाटू देवता, हित, नारायण और उमा देवी के निशाणों की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा की। दोपहर को मां उमा ने गांव का भ्रमण किया और श्रद्धालुओं ने माता को नए अनाज का भोग और शृंगार सामग्री अर्पित की।
शाम को सैकड़ों ग्रामीणों ने देवी की दिवारा यात्रा को कनखुल तल्ला गांव की सीमा तक विदा किया। कनखुल तल्ला के सैकड़ों ग्रामीणों ने मां उमा का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। मां उमा ने कनखुल तल्ला गांव में पौराणिक जिठांई देवी मंदिर में जाकर अपनी बहन जिठांई देवी को अपनी सोने की नथ और चांदी के छत्र और अन्य शृंगार सामग्री दी।
मां जिठांई देवी ने भी मां उमा को जेवर, वस्त्र और शृंगार सामग्री दी। मां उमा और जिठांई दोनों बहनों के 12 वर्षों के बाद हुए मिलन के दृश्यों ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। इस दौरान गांव में आयोजित स्वागत समारोह में लोक जागृति विकास संस्था के जितेंद्र कुमार ने मिलण ह्वे ग्यायी, उमा देवी तेरी अपणी बैंण जिठांई तैं..., उमा तेरी जात पैटण बैठिग्ये..., खोली का गणेश जाग, मोरी का नारेण जाग... आदि भक्तिमय जागर प्रस्तुत किए गए।
इस मौके पर ग्राम प्रधान भगवान कंडवाल, उमा देवी दिवारा यात्रा समिति के प्रबंधक नरेंद्र सिंह भंडारी, सुदर्शन सिंह कंडारी, वृजेश बिष्ट, मदन सिंह रावत, गजपाल नेगी सहित सेकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
लाटू देवता से मिलीं नैणी देवी
कड़ाकोट पट्टी के नौ गांवों की आराध्य नैणी देवी की दिवारा यात्रा ने बुधवार को चांदपुर पट्टी के गांवों में प्रवेश किया। इस दौरान नैणी देवी लाटू देवता के मंदिर पहुंचकर लाटू देवता और देव निशाणों से मिलीं।
पूजा अर्चना के दौरान देवताओं के पश्वा भी अवतरित हुए। इसके बाद नैणी देवी कोल्सों होते हुए रात्रि विश्राम के लिए मटियाला गांव पहुंची। नैणी देवी यात्रा सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मिंगवाल ने बताया बृहस्पतिवार को दिवारा कोटी गांव पहुंचेगी।