बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, औली सहित ऊंची चोटियों में लगातार तीसरे दिन भी बर्फबारी जारी रही। हनुमान चट्टी से आगे बदरीनाथ तक हाईवे बर्फ से ढक गया है, जिससे चीन सीमा क्षेत्र में स्थित माणा में आईटीबीपी और सेना की आवाजाही ठप पड़ गई है। इससे बदरीनाथ धाम में रह रहे जवान भी निचले क्षेत्रों में नहीं आ पा रहे हैं।
निजमुला घाटी के पाणा और ईराणी गांव के लिए सप्लाई हो रही बिजली लाइन बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे तीन दिनों से इन गांवों में अंधेरा पसरा है। पाणा-ईराणी तक जाने वाला पैदल रास्ता भी बर्फ से ढक गया है, जिससे ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद हो गए हैं।
मंगलवार को औली में बर्फबारी के बीच ही पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। वहीं जोशीमठ-औली मोटर मार्ग कवांण बैंड से आगे बर्फ जमने से बंद हो गया है। पर्यटक रोपवे से औली के दीदार को पहुंच रहे हैं। मलारी, नीती, बांपा और चीन सीमा क्षेत्र की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। यहां भी आईटीबीपी और सेना के जवानों को बर्फबारी में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण लोग दिनभर घरों में दुबके रहे।