पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि वह मुंबई में नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के दौरान 31 मार्च को उत्तराखंड में वाहनों की आवाजाही खोली गई तो वे दोनों मुंबई से मुरादाबाद तक वाहन से पहुंच गए, लेकिन जब 31 मार्च को उत्तराखंड आने पर रोक लगा दी तो वे दोनों मुरादाबाद से 26 मार्च को गांव के लिए पैदल ही निकल पड़े।
जंगलों के रास्ते करीब 350 किमी. पैदल चलकर ग्वालदम पहुंचे। इस दौरान होटल बंद होने के चलते उन्हें भूखे-प्यासे रहना पड़ा कहीं मदद मिली तो भोजन मिला। कई रातें जंगलों में गुजारनी पड़ीं।
उन्होंने बताया कि सुबह से उन्होंने खाना भी नहीं खाया है। इस पर पुलिस ने दोनों को भोजन कराया। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवकों का घर देवाल ब्लॉक के लिंगड़ी व कोटेटा गांव में हैं। फिलहाल उन्हें जीएमवीएन ग्वालदम के होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया है।