पार्था गांव के आंछेटी तोक में बुधवार शाम सात बजे गुलदार ने दो सगी बहनों को निवाला बना दिया। दोनों बहनें जानवरों को जंगल से चरा कर गोशाला में बांधने जा रही थी। बताया जा रहा है कि गोशाला के अंदर गुलदार घात लगाए था।
सूचना पर राजस्व पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई की। इसके बाद दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना से गांव में मातम पसरा है।
बरसात के मौसम में पार्था के ग्रामीण मवेशी सहित गांव से करीब दो किमी दूर आंछेटी तोक में छानियों में रहते हैं। पार्था गांव के गंगा सिंह मवेशियों को तो छानियों में ले गए, लेकिन परिवार फिलहाल गांव में ही रहा रहा था।
पिछले कुछ दिनों से गंगा सिंह की बड़ी बेटी लक्ष्मी (14) और तीसरे नंबर की बेटी कविता (9) शाम को मवेशियों को जंगल से चराकर गोशाला में बांधकर घर आती थी। बुधवार शाम सात बजे तक उनके घर नहीं लौटने पर गंगा सिंह और उनकी पत्नी नरूली देवी छानियों की ओर चल दिए। जैसे की वह गोशाला के अंदर पहुंचे तो वहां बड़ी बेटी लक्ष्मी लहुलुहान पड़ी थी।
दूसरी बेटी को खोजने पर गोशाला से 50 मीटर दूर उसका शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक मदन लाल और एमएस नेगी और होमगार्ड रामीलाल, पीआरडी जवान पान सिंह, वनक्षेत्राधिकारी धर्म सिंह गुसाईं, वन दारोगा राजेंद्र प्रसाद नैनवाल रात ढाई बजे घटनास्थल पर पहुंचे।
वन क्षेत्राधिकारी धर्म सिंह गुसाईं ने बताया कि दोनों शवों पर गुलदार के पंजों के निशान थे। बाद में उनके जानवर भी गोशला के आसपास खेतों में मिले। ग्रामीणों का कहना है जानवर डरे सहमे थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गुलदार गोशाला में घात लगाए था। इसे देखकर जानवर भाग गए लेकिन दोनो बहनें भाग नहीं पाई, और गुलदार का शिकार हो गईं।