मठ गांव में हो रहा है भूस्खलन, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। क्षेत्र के मठ गांव में हो रहे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पांच परिवारों को गांव में ही सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया है। गांव में हो रहे भूस्खलन से लोगों में दहशत बनी हुई है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि परिवार कब तक ऐसे अपने घर छोड़कर दूसरे के घरों में रहेंगे। उन्होंने भूस्खलन के स्थायी समाधान की मांग उठाई।
मठ गांव में पिछले कुछ दिनों से भूस्खलन तेज हो रहा है। खतरे की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी हिमांशु खुराना के आदेश पर बृहस्पतिवार को तहसीलदार धीरज राणा, कानूनगो दलवीर चौहान और राजस्व उपनिरीक्षक एमएस नेगी गांव पहुंचे। उन्होंने खतरे की जद में आए पांच परिवार तारेंद्र सिंह, डबल सिंह, आनंद सिंह, पुष्कर सिंह और बलवंत सिंह के परिवार को गांव के ऊपर बने लोगों के खाली कमरों में शिफ्ट करा दिया है।
भू-धंसाव प्रभावित परिवारों के लिए दो राहत शिविर तैयार
जोशीमठ। नगर क्षेत्र के सुनील वार्ड में भू धंसाव से खतरे की जद में आए 15 परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से दो राहत शिविरों की व्यवस्था कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जो भी परिवार खतरा महसूस कर रहे हों वे शिविर में शिफ्ट हो सकते हैं। मंगलवार रात को सुनील वार्ड में रास्ता और जमीन धंसने से पंवार और नेगी मोहल्ले के 15 परिवार खतरे की जद में आ गए। एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि सुनील वार्ड के सभी प्रभावित 15 परिवारों के लिए दो राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। पहाड़ी कैफे और एक होटल को राहत शिविर बनाया गया है। क्षेत्र के वार्ड मेंबर को इसकी सूचना दे दी गई है, खतरे की आशंका पर परिवार तुरंत राहत शिविर में शिफ्ट हो सकते हैं। संवाद
बदरीनाथ के सिंह द्वार में आई दरारों की मरम्मत शुरू
भारतीय पुरातत्व विभाग की चार सदस्यीय टीम पहुंची है धाम
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम के सिंहद्वार के बायीं ओर से आई दरारों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।
बदरीनाथ धाम के सिंह द्वार में पिछले साल हल्की दरार दिखाई दी थी जिसके बाद बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति सहित मंदिर से जुड़े अन्य लोगों ने इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग को दी। पुरातत्व विभाग की टीम ने सिंह द्वार की दरारों की निगरानी के लिए विशेष प्रकार के ग्लास लगा दिए थे। अब विभाग ने दरारों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले पुरातत्व विभाग की टीम धाम में पहुंची थी और बुधवार से यहां काम शुरू हो गया है। मंदिर के दरार वाले हिस्से को तिरपाल से ढककर मरम्मत का काम किया जा रहा है। खराब या चटके पत्थरों को बदला जाएगा। वहीं पुरातत्व विभाग देहरादून के अधीक्षण मनोज सक्सेना का कहना है कि बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार में आई दरारों को भरने का काम किया जा रहा है। जो पत्थर खराब हो गए हैं उनको भी बदला जाएगा। टीम रिपेयरिंग का काम पूरा करने के बाद ही लौटेगी।