सिरोखोमा गांव में 29 जुलाई को पहाड़ी से हुए भूस्खलन से गोशाला मलबे में दब गई थी। दो दिन बाद एक आठ माह का बछड़ा मलबे से जिंदा निकल गया। बछड़ा दो दिन से भूखा-प्यासा गोशाला की गुमटी पर बंधा था। ग्रामीणों ने उसे पानी और हरी घास खिलाई।
शुक्रवार को एसडीआरएफ के जवानों और मजदूरों ने एक बछड़े को मलबे से जिंदा बाहर निकाला, जबकि दो मवेशियों के शव मिले। दो मवेशी अभी भी मलबे में दबे हैं। ग्रामीण ओम प्रकाश डिमरी ने बताया कि मवेशियों के मलबे में दबे होने से गांव में बदबू फैल गई थी। ब्यूरो