संतानदायिनी शक्ति शिरोमणि माता अनसूया का दो दिवसीय मेला आज (बुधवार) से शुरू होगा। माता अनसूया के मंदिर को फूल मालाओं से सजाया गया है। वहीं, संतान कामना के लिए 150 बरोहियों (निसंतान दंपति) ने मंदिर में रात्रि जागरण के लिए पंजीकरण कराया है।
मां अनसूया से आशीर्वाद लेने के लिए क्षेत्र की ध्याणियां अपने-अपने मायके पहुंचने लगी हैं। संतान प्राप्ति के लिए कई निसंतान दंपति मंगलवार को गोपेश्वर और मंडल गांव में पहुंच गए हैं। बुधवार को अपराह्न तीन बजे अनसूया गेट से ग्राम पंचायत खल्ला, बणद्वारा, कठूड़, देवलधार और सगर गांवों की आराध्य ज्वाला देवी की उत्सव डोलियां अपनी बहिन अनसूया से मिलने के लिए अनसूया मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी। बृहस्पतिवार को पूजा-अर्चना के बाद सभी देव डोलियां भक्तों को आशीर्वाद देने के बाद अपने-अपने मंदिरों के लिए रवाना होंगी। अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण ने बताया कि मेले का शुभारंभ बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट करेंगे।
यह है मान्यता
माता अनसूया मंदिर में बरोहियों को मंदिर प्रांगण में बने एक कक्ष में बैठाया जाता है। मान्यता है कि उन्हें यहां सपने में माता अलग-अलग रूपों में दर्शन देती हैं, जिस बरोही को माता दर्शन दे देती हैं, वह चुपके से उठकर मुख्य मंदिर में पूजा के लिए पहुंच जाती है। मान्यता है कि जिस भी बरोही के स्वप्न में कन्या आएगी, तो उसे शुभ माना जाता है।