आज खुलेंगे कपाट, करीब डेढ़ सौ मीटर दायरे में फूलों और लड़ियों से सजाया है क्षेत्र
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी
कर्णप्रयाग। 16 मंदिर समूहों के मुख्य मंदिर भगवान आदिबदरी के कपाट आज ब्रह्ममुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके लिए मंदिर और बाजार को पर्यटन विभाग की ओर से सजाया गया है। पहली बार पर्यटन विभाग ने इस मंदिर को कपाटोद्घाटन पर सजाकर आकर्षक बनाने की पहल की है।
आदिबदरी में भगवान विष्णु का मुख्य मंदिर है। यहां भगवान विष्णु चतुर्भुज रूप में वरद मुद्रा में हैं। साथ ही अन्य देवी देवताओं सहित 14 मंदिर हैं। यहां पौष माह की संक्रांति को मंदिर के कपाट बंद करने की परंपरा है। जबकि एक माह कपाट बंद रहने के बाद मकर संक्रांति को मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। अब तक इस प्रक्रिया में मंदिर समिति विभिन्न कार्यक्रम करती थीं और मंदिर को सजाती थी। मगर पहली बार पर्यटन विभाग इस काम को कर रहा है। जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडे ने कहा कि मुख्य मंदिर और अन्य मंदिरों के अलावा पूरे बाजार को करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे में फूलों और लड़ियों से सजाया है। यह सजावट तीन दिनों तक रहेगी। कहा कि पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के पूरे प्रयास विभाग कर रहा है। मंदिर के कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया पर्यटन विभाग अपने सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण करेगा। वहीं कपाट खुलने पर मंदिर में कई कार्यक्रम होंगे। गढ़वाल राइफल कीर्तन मंडप में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। जहां आचार्य नागेंद्र तिवारी श्रद्धालुओं को कथा का प्रवचन करेंगे। संवाद