आदिबदरी। आदिबदरी मंदिर के कपाट उद्घाटन महाभिषेक समारोह के अंतर्गत शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन व्यास नागेंद्र तिवारी ने हिरण्यकश्यप वध और प्रह्लाद की अटूट भक्ति भाव की कथा सुनाई। कथावाचक आचार्य नागेंद्र तिवारी ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को पर्वत से नीचे गिराकर हाथी के पैरों से कुचलकर और खंभे से बांधकर कई बार मारने की कोशिश की लेकिन भगवान ने हर बार प्रह्लाद को बचाया। समय बीतने पर भगवान विष्णु नृसिंह अवतार में आए और अपने वरदान का पालन करते हुए हिरण्यकश्यप का वध किया। व्यास नगेंद्र तिवारी ने कहा कि इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि अगर हम गलत नहीं हैं तो हमारे साथ भी गलत नहीं होगा। भगवान हमेशा हमारी रक्षा करेंगे। इस अवसर पर पंडित विजय खंडूड़ी, शंकरानंद बहुगुणा, प्यारे लाल शाह, हिमेंद्र कुंवर, विजय चमोला, शकुंतला बरमोला और गंगा सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद