गोपेश्वर। केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत रुद्रनाथ वन बीट क्षेत्र से प्रतिबंधित कांचुला के पेड़ों के ठूंठ के साथ वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक फरार हो गया। फरार व्यक्ति ने अपने साथियों को बचाने के लिए टीम पर पथराव भी किए। आरोपी नेपाल के बताए जा रहे हैं। उन्हें गोपेश्वर लाया जा रहा है।
बीते जनवरी में डुमक गांव के ग्रामीणों ने केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों को बताया कि रुद्रनाथ क्षेत्र में कुछ लोग प्रतिबंधित कांचुला के पेड़ों के ठूंठ को निकालने के लिए काट रहे हैं। सूचना पर वन विभाग ने एक टीम गठित की और लंबी दूरी की गश्त शुरू कर दी। एक सप्ताह के बाद बृहस्पतिवार को टीम उनतक पहुंची। तीन आरोपी पकड़े गए जबकि एक भागने में सफल रहा। उसकी खोज की जा रही है। आरोपियों के पास कई कांचुला के ठूंठ बरामद हुए हैं।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ तरुण एस ने बताया कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर एक सप्ताह से टीम को अभियान में लगाया गया। बृहस्पतिवार को टीम ने तीन संदिग्ध लोगों को वन सामग्री के साथ पकड़ा है। टीम आरोपियों को लेकर गोपेश्वर पहुंच रही है, उसके बाद ही आरोपियों व उनसे बरामद सामग्री की विस्तृत जानकारी मिल पाएगी।
एक माह से छिपे थे
आरोपी नेपाली मूल के चार लोग करीब एक माह से रुद्रनाथ के सेंचुरी क्षेत्र में रुके हुए थे। कपाट बंद होने के यहां आम लोगों की आवाजाही बंद रहती है। ऐसे में आरोपियों के यहां पहुंचने पर वन विभाग की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फैंसी बर्तन बनाने के आते हैं काम
कांचुला के पेड़ों पर निकले ठूंठ को तस्करी करके बाहर भेजा जाता है जिनसे फैंसी कटोरे व अन्य सजावटी सामान बनाए जाते हैं, जिनकी कीमत बहुत अधिक होती है।